विश्वपुत्र सेवा समिति ने नेत्रहीन गाय को लिया गोद, गौसेवा के साथ संवेदना और संरक्षण का दिया संदेश

आगरा।
गौसेवा को केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित न रखते हुए असहाय और विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले गौवंश के संरक्षण की दिशा में विश्वपुत्र सेवा समिति, आगरा ने एक संवेदनशील पहल की है। समिति ने हाल ही में एक नेत्रहीन गाय को गोद लेकर उसकी देखभाल एवं सेवा का दायित्व स्वीकार किया है।
समिति के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शुक्ला एवं उपाध्यक्ष श्री मुकेश मित्तल के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष से गौसेवा के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
समिति द्वारा प्राचीन महा कारुणिक बौद्ध विहार, पथवारी मंदिर, जेपी नगर क्षेत्र में गौसेवा के साथ-साथ सिद्धार्थ एनक्लेव के आगे बेसहारा गायों के लिए चारे की व्यवस्था का भी विस्तार किया गया है।
नेत्रहीन गाय को गोद लेने की यह पहल समिति की सेवा भावना का एक विशेष उदाहरण है। दृष्टिहीन होने के कारण ऐसी गाय को भोजन, सुरक्षा और नियमित देखभाल की विशेष आवश्यकता होती है। समिति का यह प्रयास ऐसे जीवों के प्रति मानवीय संवेदना और उत्तरदायित्व का संदेश देता है।
समिति का मानना है कि गौसेवा का वास्तविक अर्थ केवल चारा खिलाना नहीं, बल्कि असहाय गौवंश को संरक्षण देना और उनके जीवन को सुरक्षित एवं बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना भी है।
यह पहल समाज के लोगों को भी पशुओं के प्रति संवेदनशील बनने और अपने आसपास मौजूद बेसहारा जीवों की सहायता के लिए प्रेरित करती है।
विश्वपुत्र सेवा समिति, आगरा
सेवा ही संकल्प, संवेदना ही पहचान।











