June 22, 2026
हे पिता
हे पिता, तुम जब तक थे,मैं नींद चैन की सोता था।अपनी मर्जी का मालिक था,अपने दादू का पोता था। तुम…
June 22, 2026
अंत जब जीवन के द्वार खटखटाता है,
अंत जब जीवन के द्वार खटखटाता है,मन अक्सर भय और शोक से भर जाता है,लगता है जैसे सब कुछ पीछे…
June 22, 2026
घन बना दुल्हा
करने को प्यार ,कर रहे शृंगार ,नभ हुआ तैयार ,घन है बेकरार ।धरा दुल्हन बन ,घन आया दुला तन ,छक्का…
June 22, 2026
ज्ञान और विज्ञान से खुलेंगे हनुमान जी के जन्म रहस्य, बोलतीं कलम मंच से मनन से
मानस कार्यक्रम का नवीन सत्र शनिवार को उत्साहपूर्ण ढंग से आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संजय राय साईं ने किया…
June 22, 2026
आदित्य शत्रु नहीं मैंने बनाया है
मन में पूरा विश्व समाया हुआ है,पर भीड़ में कोई दिखता नहीं है,यहाँ सामान्य व्यक्तित्व कहाँ है,हर चेहरे के पीछे…
June 22, 2026
पितृ-योग-संगीत त्रिवेणी से आलोकित हुई २५४वीं कल्पकथा काव्यगोष्ठी
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
June 22, 2026
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
रूप दिगंबर धार के, शंभु बसे कैलाश।डम-डम डमरू बाजता, स्वर गूंँजे आकाश।गले वासुकी माल है,चंद्र विराजे शीश,जो आता प्रभु द्वार…
June 22, 2026
अहंकार बनाम् घमंड
जिस पर अहंकार का साया होता हैउसके लिए अपना भी पराया होता हैअहंकारी यहां कहां कोई होता हैसब अपनी किस्मत…
June 22, 2026
मत पालो ऐसाभ्रम
मत पालो ऐसा भ्रमसमय पर समय कोई क्यूं कर देगा मुझकोसब ढकोसला है मत आग में झोंको खुदकोअपने तभी अपने…
June 22, 2026
धरती का शृंगार करें
हरित चुनर ओढ़े वसुधा, अनुपम रूप निखार रही,मंद समीर संग प्रकृति अपनी छवि मनोहर सँवार रही।तरु-पल्लव जीवन के प्रहरी, सुख-शीतल…



































