
राधा ढूंढे
कृष्ण कन्हैया
वृंदावन वन की गलियन में
राधा ढूंढे ………
कन्हैया बंसी बजावत
मिलें गे राधा
निधिवन की गैयन में
राधा ढूंढे…….
निहार तो देख
बसे हैं हिय तेरे और अखियन में
राधा ढूंढे……….
राधा ढूंढे रही
वन-वन मोहन प्यारे को
बसे तेरे मन के भीतर नस-नस नसियन में
राधा ढूंढे………….
दिखेंगे मोहन प्यारे
आंखें खोल
नींद टूटे गी रतियन में ।
राधा ढूंढे…………..
कहां कहां ढूंढे तूं राधा
बसे वो मुरली की धुन
बस हैं तेरी बतियन में ।
राधा ढूंढे………..
पीछे मुड़कर देख सके तो देख
तेरे कन्हैया मुरली बजाएं
यमुना तट की वटियन में
राधा ढूंढे
महेश शर्मा, करनाल










