Vijay Kumar
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साहित्य
लखनऊ में सम्मानित हुई साहित्यकारा डॉ मोहिनी गुप्ता
12 जुलाई रविवार को नवाबों की नगरी लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती साहित्य समिति द्वारा “संघर्षों का कारवाँ” साहित्य उत्सव का…
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साहित्य
कल्पकथा और शब्द सागर का साहित्यिक संगम, 257वीं काव्यगोष्ठी में बही सृजन-सुधा की अविरल धारा
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
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साहित्य
शब्द ही मेरे उस समय चुपचाप रहे
शब्द ही मेरे उसे समय चुपचाप रहे,बस आंख से मेरे एक अश्क बहा |और दिल के सारे दुख दर्द बोल…
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साहित्य
अपना गाँव-अपना बचपन
एक मील लम्बा बसा गाँव मेरा,नाव सथनी बाला खेड़ा,कई एक नाई काका, कई एकबढ़ई काका, माली काका,और कई एक लुहार…
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साहित्य
रब ने बनाई इतनी सुंदर जोड़ी, बरसे इस पर सदा प्यार।
जुलाई का एक दिन है ख़ास, जिसका रहता बेसब्री से इंतज़ार, दिल की गहराइयों से दुआ है, खुशियों से महके…
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साहित्य
जब-जब बादल धरती से मिलने आते हैं,
जब-जब बादल धरती से मिलने आते हैं,सूखी आँखों में भी सपने मुस्कुराते हैं। बारिश केवल पानी की बूँदें नहीं होती,यह…
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साहित्य
कविता
अगर दिल भी मिले दिल से नई पहचान हो जाए,खिले विश्वास का उपवन, ये मन गुलदान हो जाए। मिटे दुर्भाव…
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साहित्य
तुम रूठ जाओ ना
तुम रूठ जाओ ना, मैं मना लूँगा,तेरी बिखरी ज़ुल्फ़ों को सजा दूँगा।नयना तेरे हैं दीपक की बातियाँ,प्यार से उनमें काजल…
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साहित्य
आदमी मुसाफ़िर है
कभी कभी आदमी दो राहे पर खड़ा होकर सोचता हि रह जाता है न इधर को ,न उधर कोहम जाएं…
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साहित्य
मन के दोहे
” वंदन है माँ शारदे ,मिले बुद्धि वरदान।करती सबका मान फिर,मिले मुझे भी मान।।सेवा करुणा अरु दया,मानवता का भान।रिश्तों से…
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