Vijay Kumar
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साहित्य
खोई हुई रवानी
एक कहानी लिखना चाहता हूँ,इस शहर की बदलती निशानी लिखना चाहता हूँ। जहाँ प्यास से तड़पकर मर गए दो परिंदे,मैं…
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साहित्य
आखिर क्यों?
पिछले तीन-चार दिनों से एक समाचार बार-बार मन को विचलित कर रहा है। एक ही प्रश्न बार-बार मन में उठता…
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साहित्य
ज़रा परदा हटा दे श्याम
ज़रा परदा हटा दे श्याम, तेरा दीदार हो जाए,मेरे सूने पड़े दिल में, खुशी की बहार हो जाए॥ तेरी यादों…
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साहित्य
अनोखा जीवन
कुछ ऐसे बंधन होते हैं, जो बिन बांधे बंध जाते हैंमिलते ऐसे लोग जो अपनों से बढकर बन जाते हैंपूर्व…
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साहित्य
जिंदगी के कुछ महत्वपूर्ण बातें।
कुछ पल का यह जीवन है यहाँ हर मौसम एक सीजन है। जीना है तो एक साथ में जियो अकेले…
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साहित्य
जीवन कोई उत्सव भी है,
जीवन कोई उत्सव भी है,जीवन एक परीक्षा भी है,कभी हँसी के फूल खिलाता,कभी अश्रु की भाषा भी है। कभी सुबह…
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साहित्य
एक सपना जो कभी हक़ीक़त होगा
सपने मे मैंने मृत्यु को करीब से देखा,कफ़न ओढ़ा अपना तन जलते देखा,खड़े थे लोग हाथ बांधे एक पंक्ति जैसे,कुछ…
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साहित्य
प्राकृतिक आपदा
प्राकृतिक आपदा है तबाही हैइंसान के पापों की गवाही है उजड़े हो चमन की बरबादी के गवाह होकुदरती विनाश के…
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साहित्य
संतान नहीं, संस्कार ही वास्तविक विरासत
1. प्रस्तावनामानव जीवन, दाम्पत्य, संतान, संस्कार और मानवता एक-दूसरे के पूरक हैं। भारतीय संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों का…
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साहित्य
प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक
धर्म परायण के लिए, किए नित्य ही काम।इसी हेतु प्रभु राम का,जन्म अयोध्या धाम।जिनके पुण्य प्रताप से, हनुमत करते काज,राम…
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