
फागुन मे फाग गाएँ, सब जन
रंगों से खेले,भीगे तन मन
मस्ती मे मस्त है,डाले गुलाल
रंग पीला,हरा नीला और लाल
भेद भाव सब मिटा दो
गले लगे,पैर छू लो, रंग लगा दो
दो चार दिन की जिंदगी है
बस,जीयो और सबो को जीने दो
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड

फागुन मे फाग गाएँ, सब जन
रंगों से खेले,भीगे तन मन
मस्ती मे मस्त है,डाले गुलाल
रंग पीला,हरा नीला और लाल
भेद भाव सब मिटा दो
गले लगे,पैर छू लो, रंग लगा दो
दो चार दिन की जिंदगी है
बस,जीयो और सबो को जीने दो
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड