Uncategorized
Trending

प्रभाती वंदन के साथ चंद दोहा मुक्तक

राम भक्त हनुमान जी,संकट मोचक नाम।
अखिल विश्व में शौर्य है,करें भक्त का काम।
पवन पुत्र न्यारे लगे,महिमा बड़ी अपार,
हाथ बज्र धारे गदा,छवि लगती अभिराम।।

रखें भक्त का मान है, निर्मल बना स्वभाव।
भक्त करें गुणगान नित, रखते सभी लगाव।
रहते उसके साथ निज,जो करता है ध्यान,
राम कृपा इनको मिली,भरते सबका घाव।।

बंधन माया मोह का,भुगत रहा इंसान।
जो सुमिरन हरि का करे, हनुमत रखते ध्यान।
तत्वज्ञान कपि श्रेष्ठ हैं, अपराजित निज देह,
लाल अंजनी के बने,सफल करें अभियान।।

विनय शील हनुमान जी, अधर सजी मुस्कान।
ज्ञान बुद्धि बल तेज से,बनी जगत पहचान।
पल में दुविधा दूर कर, बने राम के दूत,
मन से करता भक्ति जो, रखते उसका मान।।

डॉ गीता पाण्डेय अपराजिता
सलोन रायबरेली उत्तर प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *