
कुछ पल का यह जीवन है यहाँ हर मौसम एक सीजन है।
जीना है तो एक साथ में जियो अकेले में क्या जीना है।।
खुशी चाहिए न गम चाहिए ज्यादा चाहिए न कम चाहिए।
बस जीवन जीने के लिए तेरा साथ स्वस्थ शरीर चाहिए।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,

कुछ पल का यह जीवन है यहाँ हर मौसम एक सीजन है।
जीना है तो एक साथ में जियो अकेले में क्या जीना है।।
खुशी चाहिए न गम चाहिए ज्यादा चाहिए न कम चाहिए।
बस जीवन जीने के लिए तेरा साथ स्वस्थ शरीर चाहिए।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,
हिंदी राष्ट्र भाषा सम्मान — मौलिक कविता
गुरु गौरव सम्मान 2026
वृद्ध—बोझ नहीं, अनुभव की धरोहर
मुझे ऐसा लगा कि यह मेरे लिए है,
आसमान को जलने दो
आज ही जिंदगी है,
भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा इटावा ने संस्कृति सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित की अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता
अब आगे भी कुछ मत कहना,
पत्थरों की दुनियाँ
तू हार मत ,प्रतिकार कर