
अफवाहों का दौर चल रहा है साहेब अफवाहों से दूर रहिएगा।
क्योंकि यहाँ फंसाना सब जानते हैं लेकिन फैसला करना कोई नहीं।।
क्योंकि जीवन मिला है जीवन जीने के लिए न कि अफवाहों में उलझनें के लिए।
क्योंकि यह दुनियाँ लांपरवाहों की है न कि परवाह करने वालाें की है।।
क्योंकि सच्चे और अच्छे इंसान के लिए यहाँ कोई जगह नहीं है।
क्योंकि अच्छे इंसान को ही बूरा साबित कर के अफवाह फैला दिया जाता है।।
क्योंकि आज कल अच्छे और सच्चे इंसान इंसान को पसंद नहीं है।
बस इतनी सी बात है साहेब जो हर किसी को समझ में नहीं आता है।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













