
जरुरी नहीं कि हर रिश्ता किसी के रहमो-करम से टिका हो,
जरुरी नहीं कि हर राह मंजिल पर ले जाती हो,
जरुरी नहीं कि हर मुस्कुराहट चेहरे को हंसना सिखा देती हो,
जरुरी नहीं कि
हर पेड़ कि छांव में चैन कि सांस मिल जाती हो।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)

जरुरी नहीं कि हर रिश्ता किसी के रहमो-करम से टिका हो,
जरुरी नहीं कि हर राह मंजिल पर ले जाती हो,
जरुरी नहीं कि हर मुस्कुराहट चेहरे को हंसना सिखा देती हो,
जरुरी नहीं कि
हर पेड़ कि छांव में चैन कि सांस मिल जाती हो।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)