
विषय – विवाह
आई बारात सजी हरियाली,
छाई खुशियों की फुलवारी,
देख के दुल्हन का यह चेहरा,
जगमग हो गई दुनिया सारी।
सिर पर सेहरा, मुख पे लाली,
गूंजे शहनाई की धुन प्यारी,
माता-पिता के आंगन में,
खुशियों की उमड़ी फुलवारी।
नजरें झुकाए जब वो आए,
दिल ने गीत ये है गाया।
ओरी सखी री, मंगल गाओ,
आज ब्याह का दिन है आया।
सात वचनों का बंधन ये,
सात फेरों की है ये डोरी,
जीवनभर का साथ निभाना,
प्रीत की है ये अनूठी जोड़ी।
मांग सिंदूर से सज गई जब से,
भाग्य का सितारा है चमकाया।
ओरी सखी री, मंगल गाओ,
आज ब्याह का दिन है आया।
रीना पटले शिक्षिका
जिला-सिवनी मध्यप्रदेश












