
आंसू और खामोशी हैं अनोखे साथी
दिल की गहराइयों से हैं एक अनकहा गीत गाते
आंसू बहते हैं और दर्द की कहानी बयां हैं करते
खामोशी छाई रहती है एक अनकही शांति में
आंसू और खामोशी है एक अनोखे दोस्त
आंसू और खामोशी का एक अनोखा मिलन
आंसू दिल के दर्द को खामोशी से
एक अनकही भाषा में व्यक्त कर जाती है
दिल की गहराइयों से एक अनोखा रास्ता अख्तियार करते हैं
आंसू और खामोशी गहरे दर्द,
अनकही भावनाओं के तूफानों को बयां करते हैं
जहां शब्द कम पड़ जाते हैं और आंखें बोलती हैं
दिल की गहराइयों से निकाल कर खामोशी की चादर में लिपटकर बहते हैं
जो सुकून और पीड़ा दोनों का एहसास कराते हैं
यह खामोशी अक्सर किसी अंदरूनी गहरे प्यार और समझ का प्रतीक होती है
टूटे हुए दिल की खामोशी जो सिर्फ आंसू ही समझ पाता है
अक्सर जो कहना चाहते हैं वो कह नहीं पाते
आंसू ही बहते हैं दिल के दर्द को बताते हैं
जो दर्द लफ्ज़ कह न पाए, वो आंसू खामोशी में बयां कर जाते हैं
डॉ मीना कुमारी परिहार













