
मांथे पर शौभे चन्द्रमा माँ चंद्रघंटा तुम कहलाती हो,
यह तेरी छवि देखकर सारे दानव भयभीत हो जाते हैं।
क्योंकि तूं शांत होकर भी दुश्मन को भयभीत कर देती है,
चिंतापूर्णी कहलाती है माँ सबकी चिंता हर लेती है,
दया भाव माँ सब पर रखती दुष्टौं का नाश करती है।
मुझ पर भी तुम दया करो माँ मुझसे नाराज क्यों रहती है,
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













