
स्नेह दीप जलाएं,चलो दीपावली मनाएं,
निराशाओं के तिमिर को
उत्साह की रौशनी से भगाएं
स्नेह दीप जलाएं, चलो दीपावली मनाएं
दिवाली का नया रूप सजाएं
सुमन सा महके हर मन,झिलमिल रहे हर जीवन, मन के कोने कोने में जमे उदासियों के जाले हटाएं
स्नेहदीप जलाएं,चलो दीपावली मनाएं
दिवाली का नया रूप सजाएं
जीवन पथ पर अडिग रहें ,हर संकट की दीवार टूट जाएं
सम्वेदनाओं की आतिशबाजी से
दर्द की टीसें मिट जाएं
रहे अहसास पराई पीर का
मानवता का नाम अमर कर जाएं
स्नेह दीप जलाएं ,चलो दीपावली मनाएं
दिवाली का नया रूप सजाएं
स्नेहदीप जलाएं ,चलो दीपावली मनाएं
दिवाली का नया रूप सजाएं
डॉ.नवनीता दुबे नूपुर©®,मंडला, मप्र












