
हॅंसो ऐसा कि ऑंख में पानी भर जाए।
बोलो ऐसा कि रोता हुआ मुस्कुरा जाए।
जिंदगी का आनंद है हॅंसना मुस्कुराना।
सोचो ऐसा मन के भाव पवित्र हो जाए।
गुलजारी लाल जैन, जबलपुर

हॅंसो ऐसा कि ऑंख में पानी भर जाए।
बोलो ऐसा कि रोता हुआ मुस्कुरा जाए।
जिंदगी का आनंद है हॅंसना मुस्कुराना।
सोचो ऐसा मन के भाव पवित्र हो जाए।
गुलजारी लाल जैन, जबलपुर