
आसमां में रोशनी हर तरफ फैलाइये,
किसी की दुनिया ना जल जाएं,
सम्भल कर आग से फटाके जलाइये,
पक्के मकान सजाने वाले लोगों सुन लो
कच्ची झोपड़ी कभी राकेट और पटाखे से ना जल जाएं,
इसलिए मैं कहता हूं कि,
दिवाली को दिवाली की तरह मनाइए,
आसमान में रंगीन फटाके फोड़ते हैं तो
किसी के चेहरे का रंग ना उड़ाइए,
गले मिलकर दिल मिलाइए,
प्यार से निभा कर मिठाई खिलाईए,
दिपावली के त्यौहार पर हंस कर बोलिए,
शुभकामनाएं बधाईयां देते जाइए,
खुशियों को बांटना चाहिए,
दिपावली का त्यौहार है इसे सबसे निभाते हुए मुस्कुराहट बांटते हुए निभाइए।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)












