
कलम की साधना जब जन-जन तक पहुँच जाती है, शब्दों की सुगंध से साहित्य वाटिका महक जाती है। परिश्रम की हर बूँद जब सृजन में ढल जाती है, तब प्रतिभा सम्मान बनकर जग में चमक जाती है।
माँ सरस्वती की कृपा से शब्दों को आकार मिला, भावों की पावन धारा को सुंदर विस्तार मिला। कविता के हर अक्षर में संवेदनाओं का मान है, साहित्यकार के जीवन में सृजन ही पहचान है।
‘कुंती माँ गौरव सम्मान-2026’ का यह उपहार, साहित्य साधना के पथ पर बढ़ाता है सत्कार। राष्ट्रीय साझा काव्य-संग्रह में रचनाओं का स्थान, हरनारायण कुर्रे ‘कौशल’ का बढ़ा साहित्यिक मान।
यह सम्मान नहीं केवल, दायित्वों का संदेश है, लेखन की निरंतरता का सुंदर परिवेश है। कलम से सत्य, प्रेम और मानवता का दीप जलाऊँगा, हिंदी साहित्य की सेवा में जीवन भर लिखता जाऊँगा।
रचनाकार :
कौशल
मुड़पार चु पोस्ट रसौटा तहसील पामगढ़ जिला जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़











