
गुप्त नवरात्रि में अष्टम महाविद्या बगलामुखी की पूजा की जाती है,
इन्हें पीतांबरा, वल्गामुखी, ब्रह्मास्त्र विद्या नामों से भी जाना जाता है।
यह देवी उग्र कोटि की मानी जाती हैं,
और शत्रु बाधा, वाद-विवाद तथा मुकदमे में विजय प्राप्त करने के
लिए बगलामुखी माँ पूजी जाती हैं।
बगलामुखी देवी को पीला रंग प्रिय है,
इसलिए इनकी पूजा में पीले वस्त्र,
पीले फूल का उपयोग किया जाता है,
और पीला प्रसाद चढ़ाया जाता है।
माँ का जाप मंत्र: ‘ॐ ह्लीं बगलामुखी
सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिव्हाम कीलय, बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा:’ का जाप किया जाता है।
आदित्य बगलामुखी देवी की पूजा शत्रु विजय, के लिए की जाती है,
जिससे वाद-विवाद में सफलता,
हर एक बाधा से मुक्ति मिलती है।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
लखनऊ – 03 जुलाई 2025













