
उठो युवा अब जागो तुम, नया सवेरा लाना है,
बाधाओं को चीर के हमको, आगे बढ़ते जाना है।
हाथों में मशाल रहे, आँखों में एक सपना हो,
मिटा के हर अंधियारे को, सृजन नया अब करना है।
पर्वत भी झुक जाएँगे, गर मन में दृढ़ विश्वास रहे,
कदमों की आहट से गूँजे, हर दिशा में आस रहे।
थकना नहीं, रुकना नहीं, बस लक्ष्य ही पहचान हो,
तुम्हारी भुजाओं के बल पर, टिका हुआ जहान हो।
तुम आधुनिक युग के निर्माता, तुम ही कल का दर्पण हो,
देश प्रेम की इस वेदी पर, तन-मन का अर्पण हो।
कलम और तकनीक संग, बदलाव की लहर उठाएंगे,
अपनी युवा शक्ति से हम, भारत भव्य बनाएंगे।
चलो चलें, बढ़ते चलें, नया इतिहास बनाएंगे,
हम युवा हैं, हम ही जग में, सत्य की अलख जगाएंगे।
रीना पटले शिक्षिका
शास हाई स्कूल ऐरमा कुरई।
जिला-सिवनी मध्यप्रदेश












