
हिंदी की ध्वजा लेकर हम निकल पड़े हैं
राष्ट्र की भाषा हिंदी हो इस पर अड़े हैं
हिंदी पर है बिंदी, जो मॉं के समान है
हर भाषा के ऊपर हिंदी ही पहचान है
हो जाए यह राष्ट्रभाषा, होगा हमें अभिमान _2
हिंदी हिंदुस्तान के, तिरंगे की शान।
हिंदी की ध्वजा लेकर हम निकल पड़े हैं।
राष्ट्र की भाषा हिंदी हो इस पर अड़े हैं।
देवनागरी लिपि है यह सदियों पुरानी
वेद ज्ञान और ज्ञानियों की मधुर है वाणी
हिंदी प्यारी मीठी भाषा, वर्ण ‘स्वरों की दाता_2
हिंदी हमारी बोली प्यारी हिंदी हमारी भाषा।
हिंदी की ध्वजा लेकर हम निकल पड़े हैं।
राष्ट्र की भाषा हिंदी हो इस पर अड़े हैं।
विश्व गुरु बन रहा भारत संसार में
हिंदी भाषा होनी चाहिए राष्ट्र के अधिकार मे
हिंदी की बोली हमें मृदुभाषी बनाती_2
हिंदी ही मान मर्यादा है बढ़ाती।
हिंदी की ध्वजा लेकर हम निकल पड़े हैं।
राष्ट्र की भाषा हिंदी हो इस पर अड़े हैं।
हिंदी से रिश्तों में होती है मधुरता
हिंदी से ही जीने की बहती है सरिता
हिंदी मेरे रग रग में ऐसे बसी है_2
बना दो इसको भारत राष्ट्र की भाषा__3
हिंदी की ध्वजा लेकर हम निकल पड़े हैं।
राष्ट्र की भाषा हिंदी हो इस पर अड़े हैं।
मेघा अग्रवाल
नागपुर महाराष्ट्र












