Uncategorized
Trending

लोकतंत्र का उत्सव आया।।

लोकतंत्र का पर्व है आया,
चंहूँ ओर उल्लास है छाया ।
बच्चें ना़चे, कूदें, गीत है गाते,
सब बाबा साहेब के नारें लगाते।
देखो आजादी का पैगाम में लाया ।
लोकतंत्र का आज उत्सव आया ।।

अधिकारों की नित बात करें हम,
पर कर्त्तव्यों कों कभी, भूलें नहीं ।
संविधान षट् मौलिक अधिकार है देता,
बोलना,चलना, हंसना व गाना,
समुह बना हमें उत्थान हैं करना ।
इनकी रक्षा हेतु,आवाज बुलंद करना।।

मन्नू कर्त्तव्यों का भी भा़न करे हम ।
राष्ट्र रक्षार्थ सदैव तैयार रहे हम।
सभ्यता,संस्कृति का उत्थान करे हम,
सदैव ज्ञान विज्ञान कें उत्थान से,
आओ आज राष्ट्र को समृद्ध करे हम।
अन्न,ज़ल,वायु का संचयन करे हम,
पर्यावरण पर जरा ध्यान धरे हम।।
मन्नू गणतंत्र का आज पर्व हैं आया ।।

संविधान स्वतंत्रता,समानता की बात करता,
भेदभाव को यह पुर्णतया मिटाता ।
सत्य, अंहिंसा का संदेश हैं देता,
मानवता का यूं उद्धार है करता ।
लोकतंत्र का आज पर्व हैं आया ।।

आजा़दी का यह संदेंश हैं लाया, 
मत़दा़न का हमनें अधिकार है पाया,
हमने मतदा़न करकें अपना राज पाया।
मन्नू लोकतंत्र का यह त्यौहार हैं आया।।


मुन्ना राम मेघवाल।।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।
Bhatimunnaram921@gmail.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *