
बेटी घर की रौनक है,
खुशियों की पहचान है।
उसके होने से ही घर में
जीवन का सम्मान है।
नन्हे क़दमों से चलती है,
बड़े सपने बुनती है।
हर मुश्किल से लड़कर वो
नई कहानी सुनती है।
कभी माँ की ममता बनती,
कभी शक्ति का रूप है।
हर बेटी अपने आप में
पूरा एक अनूप है।
पढ़-लिख कर आगे बढ़े वो,
आसमान छू जाए।
मौका मिले, विश्वास मिले,
तो इतिहास बना जाए।
बेटी बोझ नहीं होती,
ये आज हमें कहना है।
हर बेटी को हक़, सम्मान,
और खुला आँगन देना है।
आओ मिलकर आज सभी
ये संकल्प दोहराएँ।
बेटी को सम्मान दें,
और बेटी दिवस मनाएँ।
नाम-पल्लवी पटले
जिला-सिवनी, मध्यप्रदेश












