
25 जनवरी मतदाता दिवस को समर्पित)
मै हूँ एक मतदाता
मै ही हूँ भारत भाग्य विधाता
मै निर्माण करता हूँ संविधान रचियता
मै हूँ एक जागरूक मतदाता
मै हूँ एक मतदाता
मतदान करने का अधिकार है उसे
उम्र हो गया है अठारह वर्ष जिसे
वो बन गया है एक मतदाता
वो अपना मत किसी को भी है दे सकता
लेकिन चुनू कवि का है एक आह्वान
सोच समझकर ही किजिये मतदान
हरेक कोई अपने मत का करे प्रयोग
लेकिन उम्मीदवार हो सुयोग्य
लोभ में आकर न करें मतदान
उम्मीदवार को पहले ही ले जान
जाति भाषा धर्म लिंग मे न बंटे
मतदान करने से पीछे कभी न हटे
बहुमूल्य है आपका एक भी मत
इसे ना जाने दे व्यर्थ
एक मत से भी होता है जीत हार
सोच समझकर ही चुने सही उम्मीदवार
मै हूँ एक मतदाता
मै ही हूँ भारत भाग्य विधाता
चुन्नु कवि सहित जन जन पुकारे
वोट देने हेतु मतदान केन्द्र अवश्य पधारें
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड












