विवाह के पहले साल में हमने, एक नया ख्वाब बुना था,
सैकड़ों की भीड़ में, मैंने बस तुम्हें चुना था।
वो फेरों के वचन, वो अग्नि की गवाही,
आज भी ताज़ा है, हमारे मिलन की हर एक सच्चाई।
कभी धूप मिली राहों में, तो कभी मिली ठंडी छाँव,
पर तुमने डगमगाने न दिए, मेरे हौसलों के पाँव।
मेरे घर को मंदिर, और मुझे इंसान बनाया,
अपनी ममता और प्यार से, हर सपना सजाया।
वक्त बदला, दौर बदला, और बदले कई नज़ारे,
पर आज भी सबसे सुकून भरे हैं, साथ बिताए पल हमारे।
ये बीत गए साल तो बस, यादों में एक हसीन शुरुआत है,
अभी तो सदियों तक निभाना, हमें एक-दूजे का साथ है।
शादी की वर्षगांठ की जीवन साथी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई!शादी की वर्षगांठ पर यह कविता जिसने भी लिखी हैं, बहुत सुंदर लिखी है,












