
सरदार भगत सिंह
बंगा गाँव जिला लायलपुर,
पंजाब प्रान्त का सितारा था।
किशन सिंह,विद्यावती के घर,
जन्मा वह आँखों का तारा था।।
भगत सिंह ने अट्ठाईस सितम्बर,
उन्नीस सौ सात में जन्म लिया।
भारत को आजाद कराने का,
सच्चे दिल से संकल्प लिया।।
जलियाँ वाला हत्या कांड से,
सरदार भगत सिंह बौखलाए।
अंग्रेजों के इस दुष्कृत्य को,
वे कभी नहीं सहन कर पाए।।
सरदार भगतसिंह ने सांडर्स को,
लाहौर में भी घुसकर मारा था।
असेम्बली में भी बम फेंका था,
वह गोरों से कभी न हारा था।।
आँखों में आग बरसती थी,
वह देशभक्त मतवाला था।
इंकलाब का दीवाना शूरवीर,
वह शेरों की दहाड़ों वाला था।।
दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए,
दिल में भड़की क्रांति ज्वाला।
फाँसी का फंदा चूम लिया,
वह देश का सच्चा रखवाला।।
डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी
” विद्या -सागर” वरिष्ठ कवि
खुर्जा, बुलंदशहर ( उ. प्र.)












