
महावीर से भगवान बना देती हैं पुस्तक।
विवेकानंद से स्वामी बना देती हैं पुस्तक।
पुस्तकों में हैं जीवन निर्माण अनूठी कला।
डाकू को भी महात्मा बना देती हैं पुस्तक।
जी एल जैन , जबलपुर
मौलिक स्वरचित

महावीर से भगवान बना देती हैं पुस्तक।
विवेकानंद से स्वामी बना देती हैं पुस्तक।
पुस्तकों में हैं जीवन निर्माण अनूठी कला।
डाकू को भी महात्मा बना देती हैं पुस्तक।
जी एल जैन , जबलपुर
मौलिक स्वरचित