
धरती मां के आंख के तारे,
भारत के है राजदुलारे,
वे राजदुलारे थे,
जो स्वतंत्रता के दीप जलाते थे,
धरती मां के चरणों में,
सदा शीश नवाते थे,
राष्ट्र के कर्तव्यों को,
सदा निभाए आते थे,
भारत के रखवाले थे,
भारत कि लाज बचाते थे।
उन वीरों के स्वरों में,
भारत माता के नाम आते थे,
हर मुसीबत में वो,
भारत माता की शान बचाते थे,
भारत के रखवाले थे,
भारत की लाज बचाते थे।
धरती मां के रक्षा के लिए,
अपने प्राण गंवाए थे,
शपथ लिए मां के चरणों में,
साहस के कदम उठाए थे,
धरती मां के गोदी मे,
खेले वो वीर जवान थे,
धरती मां के सपूत कहलाए,
वो हि अमर बलिदानी थे,
भारत के रखवाले थे,
भारत की लाज बचाते थे।
धरती मां के इस उपवन को,
वीरों ने सजग बनाएं थे,
संकल्प अपना पूर्ण किया,
भारत को आजाद कराए थे,
धरती मां के आगे झुककर,
सर्वस्य न्योछावर हम करेंगे,
उन वीरों से सिख गए,
अब हम कर्त्तव्य निभाएंगे,
भारत के रखवाले हम,
भारत की लाज बचाएंगे।
भारत माता कि जय
नलिनी शैलेन्द्र दास
सरायपाली छत्तीसगढ़













