
माँ की आँखों में सपने होते,
मेरे लिए ही अपने होते।।
वो चुप रहकर सब सह जाती,
फिर भी हँसकर प्यार लुटाती।
जब मैं छोटा कदम बढ़ाती
माँ ही हाथ पकड़ सिखलाती।
गिरने पर भी डाँट न करती,
धीरे से फिर पास बुलाती।
माँ की बातें फूलों जैसी,
दिल को हर पल सुकून दिलाएँ।
उसकी ममता नदी की तरह,
हर दुख को बहाकर ले जाए।
खुद की खुशियाँ पीछे रखकर,
मेरी चाहत पूरी करती।
मेरी छोटी जीत देखकर,
सबसे ज्यादा खुश वो होती।
घर का हर कोना चमक उठे,
जब माँ हँसकर गीत सुनाए।
उसके होने से ही जीवन,
हर दिन नया रंग दिखाए।
माँ जैसा कोई नहीं जग में,
उसका प्यार अनमोल खजाना।
उसके चरणों की छाया में,
लगता सुंदर सारा ज़माना।
नाम-पल्लवी पटले
जिला-सिवनी,मध्यप्रदेश












