
मीरा के तुम गिरधर नागर,
रूकमण के प्यारे घनश्याम
राधा के तुम कृष्ण कन्हैया,
मेरे प्यारे नटवर नन्दकिशोर।।
बालपन मे यूंं असुर संहारे,
हमारे बन गए माखनचोर।
गोवर्धन की पूजा करवाऐ,
हम सब के प्रभु आप सहारे।।
भक्ति की तुमने राह दिखाई,
प्रेम प्यार की महता सुनाई।
भक्तों के हित तुम पैदल दौडे़,
प्रभू ना करना कभी तुम देर।।
असहाय जब वो खडी़ सभा में,
करूणा का तुने हाथ लगाया।
द्रौपती का तुमने चीर बढाया,
मर्यादा का तुमने मान बढाया।।
सदैव धर्म का साथ निभाया,
सबको सत्य का मार्ग दिखाया।
हिंसा का नित अवसान कराया,
हमें मानववता का पाठ पढाया।।
मुन्ना राम मेघवाल ।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।












