
“शब्दों की ताकत को कम मत आंकिए
दोस्तों! क्योंकि छोटा सा ‘हां ‘और छोटा सा ‘ना’
पूरी जिंदगी बदल देता है”
भाषा की दृष्टि से’ शब्द’ का बड़ा महत्व है। प्राचीन युग से लेकर लेकर नवीन युग तक व्यक्ति को जो कुछ ग्रहण करता है, वह ज्ञान शब्दों के रूप में ही आज तक विश्व के सामने संचित है।
शब्द एक दर्पण की तरह है जो हमारे अंदर को उजागर करता है। शब्दों का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व होता है। शब्दों से ही प्रभावित होकर लोग ताली बजाकर वाह-वाह करते हैं शब्दों से ही प्रभावित होकर लोग हमारा अपमान भी करते हैं और कभी-कभी तो बात लड़ाई -झगड़े तक भी आ जाती है। जब तक हम चुप रहते हैं तब तक शब्द हमारे गुलाम होते हैं लेकिन बोलने के बाद हम अपने शब्दों के गुलाम बन जाते हैं इसलिए अपने शब्दों को सोच -समझकर प्रयोग करना चाहिए। शब्दों से ही हमें खुशी मिलती है शब्दों से ही हमें दुःख मिलता है और शब्दों से ही हमें मुश्किल का हल मिलता है।
बड़े-बड़े मामले और झगड़े जो शब्दों से आसानी से सुलझाया जा सकता है ,बस हमें अपने शब्दों और वचनों का सही तरीके से प्रयोग और पालन करना चाहिए। शब्द हमारे जीवन के हर पहलू का एक बड़ा हिस्सा है।
“शब्दों का वजन तो बोलने वाले के भाव पर आधारित है
एक शब्द मंत्र हो जाता है
एक शब्द गाली कहलाता है
वाणी ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का परिचय कराती है”
“शब्द ही दुनियां है”जो भी व्यक्ति शब्दों की महिमा और शब्दों की शक्ति को समझ लेता है वह व्यक्ति इस जीवन को भी समझ लेता है। शब्द से ही इंसान की पहचान होती है। शब्दों के घाव हथियार के घाव से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं ऐसा कहा जाता है कि तलवार के घाव मिट सकते हैं लेकिन शब्दों के घाव कभी नहीं मिट सकते, इतनी शक्ति होती है शब्दों में। शब्दों का महत्व तो इंसान के बोलने पर समझ आता है वरना ‘स्वागतम’तो पायदान पर भी लिखा होता है। इसलिए हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए और एकअच्छा जीवन जीने के लिए अपने जीवन में उचित शब्दों का प्रयोग करें।
जब हम किसी से बात करते
समय हम जिन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं उनसे यह निश्चित होता है कि सामने वाले
व्यक्ति के मन में आपके लिए क्या वैल्यू है यानी कि हमारे अच्छे और पॉजिटिव शब्द ही हमारी इमेज है।
“वो मेरे शब्द ही थे… जिसने मुझे रुलाया
वो मेरे शब्द ही थे… जिसमें मुझे हंसाया”
डॉ मीना कुमारी परिहार












