
एक बात बोलूं साहेब,मेरे घर को मेरे अपनों ने ही तोड़ दिया है।
मालूम है क्यों,क्योंकि उनको ही पता था मेरे घर की दीवार किधर से कमज़ोर है।।
बर्ना गैरों को क्या पता है मेरे घर की दीवार किधर से कमज़ोर है या नहीं है।
बस इतनी सी कहानी है अपने जीवन का और इतनी सी परेशानी है।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,












