
परिवार वटवृक्ष जैसे समान होते है
इस वृक्ष के शाखाएं अनेक होते है
यह पेड़ अधिक पत्तों से भरा जाते है
इससे यह वृक्ष नित झाड़ीदार होते है।
इस वृक्ष के नीचे कुछ जड़ें होते हैं
वे जड़ें फिर छोटे पेड़ से अंकुर होते हैं
इससे अनेक शाखाएं बन जाते हैं
इसे भूमि पर वटवृक्ष मजभूत बनते हैं।
वैसे परिवार में कई लोग रहते है
कुछ लोग प्रेम भाव से होते हैं
कुछ लोग द्वेष भाव से होते हैं
वे दोनों विरह मिलन से रहते हैं।
मिलजुलकर रहते है कुछ व्यक्ति
अलग अलग से रहते है कुछ व्यक्ति
आपस में प्यार करते है कुछ व्यक्ति
नित घरों में सताते है कुछ व्यक्ति।
परिवार मे कई समस्याएं होती है
छोटों से लेकर बड़ों तक होती है
उनको धैर्य से सम्मुख करना है
इससे परिवार में हलचल घटता है।
कुछ व्यक्ति स्वस्थ जीवन बिताते है
उनमें आत्मा विश्वास बढ़ जाते है
रोगों से नित लड़ाता कुछ व्यक्ति है
उनमें आत्मा विश्वास कम होते है।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश












