
१५ मई को हम मिलझुलकर,
ऐसे विश्व परिवार दिवस मनाते है।
आदर्श समाज का कैसे निर्माण करे,
इस पर सब मिलकर चिंतन करते है।।
आदर्श समाज बनाने के लिए हम,
आदर्श परिवार की राह पर चलते है।
यह परिवार संस्कारों की खान होते है,
सदैव मर्यादा का वो यूं मान रखते है।।
वो सादा जीवन उच्च विचार रखते है,
शांति व समृद्धि की वो नई राह गढते है।
परस्पर एक दुजे का सहयोग करते है,
कंधे से कंधा मिलाकर साथ निभाते है।।
जब ऐसे परिवार हमारा नेतृत्व करते है,
वो आदर्श समाज का निर्माण करते है।
विकसित भारत के इस सपने में भी,
वो अपना यूं अमूल्य योगदान देते है।।
ग़र निर्लज और अपराधी परिवार,
जब समाज का नेतृत्व संभालते है।
नशे की लत,लुटेरों की फौज़ बनाते है,
हिंसा,अश्लिलता का नंगा नाच दिखाते है।।
विकसित भारत के सपने को,
हमें मिलझुलकर पुर्ण करना है।
आदर्श परिवार के साथ चलना है,
पहले अपने में ही सुधार करना है।।
मुन्ना राम मेघवाल ।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।












