
चाय के कप में सिर्फ,
चाय नहीं बल्कि होती है-
संबंधों की भीनी मिठास,
अपनों संग प्रेम एहसास,
कुछ पल सुकूँ और आस।।
चाय की कप में सिर्फ,
चाय नहीं बल्कि होती है-
स्फूर्ति संग नई शुरुआत।
भोर की प्रेम की करामात।
संबंधों को जोड़ने की बात।।
चाय के कप में सिर्फ,
चाय नहीं बल्कि होती है-
चाहत संग अपनों के साथ,
सुकूँ भरे पल में हाथों में हाथ।
शुक्रिया कह चूमने को माथ।।
चाय के कप में सिर्फ,
चाय नहीं बल्कि होती है-
बहाने चाय,मित्र घर जाने की।
वजह बनती दिल जुड़ जाने की।
औ एक अटूट रिश्ता निभाने की।।
चाय के कप में सिर्फ,
चाय नहीं होती बल्कि होती है- वजह अपनों को बुलाने की।
बारिश में प्रेम धुन सुनाने की।
प्रेमी के उर की बात सुन पाने की।।
चाय की कप में सिर्फ,
चाय नहीं बल्कि होती है-
वजह कुछ चटपटा खाने की।
चाय पर चर्चा कर बतियाने की।
मिट्टी की सौंधी खुशबू में बसने की।।
चाय के कप में सिर्फ,
चाय नहीं होती बल्कि होती है-
प्यार की खुशबू में बिखर जाने की।
बड़ों से आशीर्वाद पाने की।
‘तुम्हारे हाथ में जादू है’ ये सुन पाने की।।
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर,
बस चाहत है मेरी- चाय की खुशबू से महके हर घर।
प्रगाढ़ हो संबंध रिश्ते मधुर।
खुशी हंसी ठिठोली रहे हर अधर।।
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर सभी को प्रेम भरी शुभकामनाएं.












