
धैर्य,सफलता का प्रतीक है,
उस कछुए की बात करते है।
मिलकर आज हम सब यहाँ,
विश्व कछुआ दिवस मनाते है।।
शनै शनै वो चलता जाता,
सफलता का राज बतलाता।
वो प्रकृति के संग संग चलता,
मनूज को कभी नहीं सताता।।
वो बाहर से हमे कठोर लगता,
पर अंदर कोमल हृदय रखता।
नित दुल्हन की तरह वो शर्माता,
वो पानी में ऐसे इठलाके चलता।।
ईर्ष्या,द्वेष वो नहीं जानता,
मिलझुल कर सबसे रहता।
हमें प्रेम का सदैव पैगाम देता,
सफलता की राह दिखलाता।।
उसके घर द्वार का संकट बढ रहा,
प्रदुषण से यूं बुरा हाल हो रहा।
अपने जीवन की गुहार लगा रहा,
प्रकृति संरक्षण की बात कह रहा।।
मुन्ना राम मेघवाल।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।












