
धोके कहीं मोहब्बत के नाम पर मिलेंगे
जो संभल गए वो काम पर मिलेंगे
और मत ढूंढना इन्हें गांव गली बाजारों में
आज के आदमी सारे इंस्टाग्राम पर मिलेंगे
स्टोरी पे इश्क़, कमेंट में वफ़ा दिखेगी
DM में “baby” और दिल पे निशाना होगा।
रील पे रोएगा “टूट गया दिल मेरा”
और नेक्स्ट स्लाइड पे नई जान दिखाना होगा।
लव लेटर की जगह अब ब्लू टिक ही काफी है
Seen किया तो समझो करार हो गया।
Block कर दिया तो कयामत टूट पड़ी
Unfollow किया तो इश्क़ बेकार हो गया।
गांव में लोग अब भी दिल से निभाते हैं
यहाँ तो रिश्ते भी Wi-Fi पे चलते हैं।
नेट चला गया तो मोहब्बत खत्म
और डेटा आ गया तो नए शुरू होते हैं।
इसलिए संभल के चलना इस दुनिया में
यहाँ चेहरा फिल्टर, दिल भी फिल्टर मिलेंगे।
जो सच्चे हैं वो शोर नहीं मचाते
वो शायद ऑफलाइन, कहीं चुपके से मिलेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला ‘अमन’ सनातनी
सावनेर नागपुर ( महाराष्ट्र)












