
विषय- कितना रूप बदल कर आते हैं गद्दार
विधा- कविता
पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन जैसे देश से,
भारत में आते हैं कितने रूप बदल कर आते हैं गद्दार l
पर हम इनसे डरते नहीं,
हम इन्हें स्वीकार करते नहीं,
और खदेड़ कर हम करते हैं इन गद्दारों को बाहर ll
हम न अंग्रेंजो से डरते,
न ही मुगलो से डरते हैं l
हम अगर डरते हैं तो,
देश के गद्दारों से डरते हैं l
अपने लाभ के लिए कुछ भी कर सकते हैं ll
कितने रूप बदल कर आते हैं ये गद्दार…
ऐसे गद्दारों का कोई दिन ईमान नहीं होता,
न इन को धर्म प्यारा है,
न तो इन को देश प्यारा होता है l
इनको तो केवल अपना मतलब प्यारा होता हैं ll
कितने रूप बदल कर आते हैं ये गद्दार…
इतिहास गवाह है इन गद्दारों के खातिर,
कौरवों और पांडवों के बीच भीष्ण युद्द हुआ l
कितने रूप बदल आते हैं ये गद्दार,
इसीलिए ऐसे गद्दारों को से हमेशा सावधान रहो ll
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम
(माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी,
ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी म. प्र., पिन कोड 480771,












