
जन्म से लेकर मरन तक मिला कितना मुझे परेशानी
आज लिखतें हैं कुछ कहानी अपने जीवन की परेशानी।
माँ बाप भाई बहन और बीवी बच्चों की कुछ कहानी।
आज लिखतें हैं कुछ कहानी अपने जीवन की परेशानी
दया धर्म न प्यार है इनमें इनका प्यार बना व्यपार है,
रूपिया पैसा के बिना वो हमको कर देतें खबरदार है।
घर में ही करतें हैं साहेब ये सब आपस में बैईमानी
आज लिखतें हैं कुछ कहानी अपने जीवन की परेशानी
बहुत बड़ा परिवार है लेकिन उनमें प्यार न व्यवहार है,
अपने अपने में मगन है लेकिन बिखरा सबका संसार है।
किसको क्या हम बताएं अपने जीवन का परेशानी,
आज लिखतें हैं कुछ कहानी अपने जीवन की परेशानी।
रूपिया पैसा के बिना वो जानतें न पहचानते हैं,
हम अपने कहतें हैं लेकिन अपना कभी न मानतें हैं।
बस इतनी सी कहानी है इस जीवन की परेशानी,
आज लिखतें हैं कुछ कहानी अपने जीवन की परेशानी।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,












