
नमन करे हम देव शिल्प का,शीश नवा कर
जो दैनिक जीवन मे हमारे वास्ते,आये देव बनकर
रोजमर्रा के जीवन मे काम आने वाली,सामाने
निर्मित कर,किये हमसब पर बहुत बहुत उपकार ।
तरह तरह के अस्त्र-शस्त्र का किये वो निर्माण
धातु जगत् मे,वास्तु शिल्प मे है बडी योगदान
सुरक्षा के घेरे मे रहे,तीनो लक के जीव जगत
इस कार्य मे निपुण रहे,देव शिल्प भगवान ।
देव,गधर्व ,किन्नर,यक्ष,मानव-दानव सब है,इनके आभारी
देव शिल्प के बगैर ,सबके जी पाना है,अधुरी
पूजे गये सबो के बीच ,वो सदैव सम्मान से
रहे वो सदैव सबके बनकर,एक जैसे उपकारी ।
देव शिल्प के निर्मित सारे संसाधनो पर
खुद को गौरवशाली हो,नमन किये शीश नवा कर
शुरूआत करे कोई भी कार्य,जो है उनके
तो मन ही मन अवश्य स्मरण मे आते है,एक बार ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













