
घर में पधारो गजानन जी
मेरे घर में पधारो
हे मंगलमूर्ति गजानना
सुखकर्ता दुखहर्ता मूषकवाहना
शिव गौरा के तुम हो लल्ला
एकदंत लंबोदर कहलाये
मोदक प्रिय है गणपति नंदन
तेरा भक्त करे सब वंदन
प्रथम पूजा आपका होवे
ले नाम सब काज पूर्ण होवे
विघ्नहर्ता मंगलकर्ता नाम सुहावे
गणेश जी का रूप लुभाये
आज्ञा पालन हेतु दिया कटाय
वचन दिया माता को दीया उसे निभाय
घर में पधारो गजानंद जी
मेरे घर में पधारो
गणपति बप्पा मोरिया
गूंजे घर -घर आज
देते खूब आशीष
करते सब की पूरी आस
डॉ मीना कुमारी परिहार













