
भक्तिमय हुआ सारा संसार
आ गया दुर्गा-पूजा का त्यौहार
साफ सफाई एकदम चाक चौबंद
खुल गये मंदिरों के दरवाजे,बंद ।
नये नये परिधान-वसन
किये हैं समस्त भक्तजन धारण
मन प्रफुल्लित है और प्रसन्न
एक दुजे से गले मिल रहे हैं सभी जन ।
माँ के दरबार में जाने की तैयारी
कर लिये है सभी भक्तजन पूरी
माँ से, करना है एक ही प्रार्थना
समस्त भक्तों को सदैव खुश रखना ।
तेरे द्रार मे आये जो भी भक्त, माँ
पूरी कर देना जरूर, उसकी मनोकामना
माँ, तु ही तो है बस,एक सहारा
तुझ बिन और कौन है हमारा?
गंधर्व, किन्नर, मनुज और देव सारे
आया जब विपदा ती,तुझे ही पुकारे
कर असुरों को तु संहार
भक्तों को किये उद्धार ।
हे माँ, भलानी, दुर्गा आद्यशक्ति
चुन्नू कवि प्रकट किये निज अभिव्यक्ति
भूल चूक हुई तो कर दे क्षमा
तुझे छोड,अब कहाँ जाये माँ?
चुन्नू साहा पाकूड़ झारखण्ड









