
रामेश्वरम के तट से उठी,
एक छोटी सी मशाल,
अखबारों में रोशनी देखी,
बदल दिया हर हाल।
वो मिसाइल मैन है,
सपनों का रॉकेट,
‘अग्नि’, ‘पृथ्वी’ कहे कहानी,
ज्ञान का है वो सितारा,
भारत को है दिया सहारा।
नाविक के घर जन्म लिया,
पर इरादे थे आकाश के,
एसएलवी-3 से भरी उड़ान,
नंगे पाँव विश्वास के।
वो शिक्षा से प्रेम थे करते,
हर युवा के थे आधार,
किताबों में थी शक्ति उनकी,
करते थे नया आविष्कार।
रामेश्वरम के तट से उठी,
एक छोटी सी मशाल,
अखबारों में रोशनी देखी,
बदल दिया हर हाल।
वो मिसाइल मैन है,
सपनों का रॉकेट,
‘अग्नि’, ‘पृथ्वी’ कहे कहानी,
ज्ञान का है वो सितारा,
भारत को है दिया सहारा।
वीणा की धुन में थी अभिलाषा,
मिसाइल मैन उनकी परिभाषा।
पोखरण में जो आग जलाई,
मिटा दी उसने सारी निराशा।।
राष्ट्रपति बनकर भी रहे वो,
सादगी की मिसाल,
बच्चों से करते थे बातें,
बदलते थे उनका ख़्याल।
रामेश्वरम के तट से उठी,
एक छोटी सी मशाल,
अखबारों में रोशनी देखी,
बदल दिया हर हाल।
वो मिसाइल मैन है, सपनों का रॉकेट,
‘अग्नि’, ‘पृथ्वी’ कहे कहानी,
ज्ञान का है वो सितारा,
भारत को है दिया सहारा।
कह गए वह सारे युवाओं से
संघर्ष करें कभी “हार न मानें,
सपने वो जो सोने न दें,”
कर्म ही पूजा मंत्र बना लें,
मंजिल अपनी खोने ना दें।
भारत के गौरव,वो अद्भुत इंसान,
नाम डॉ. कलाम, उनकी है शान।
तमस से उजाले की राह दिखाई,
ज्ञान की शक्ति सबसे मनवाई।
सपनों को उड़ान देने वाला,
देश के बच्चों का रखवाला।
सादा जीवन, ऊँची है सोच,
परमाणु शक्ति से मिटाई हर ओछ।
अग्नि, पृथ्वी, आकाश के बाण,
रक्षा क्षेत्र में दिया नया आयाम।
युगों-युगों तक रहेगा ये नाम,
भारत के मिसाइल मैन को प्रणाम।
जय मां भारती
रीना पटले (शिक्षिका)
शास. हाई स्कूल ऐरमा (कुरई)
जिला सिवनी (मध्य प्रदेश)













