
हवा में घुल गया है प्यार और गुलाल होली में,
सखियों ने करी धमाल, हुई बेहाल होली में।
गुजिया और अनरसा औ गुलाब जामुन है बोली क्या?
हम ही क्यों हुए बेकार को हलाल होली में!!≠
सुलेखा चटर्जी भोपाल

हवा में घुल गया है प्यार और गुलाल होली में,
सखियों ने करी धमाल, हुई बेहाल होली में।
गुजिया और अनरसा औ गुलाब जामुन है बोली क्या?
हम ही क्यों हुए बेकार को हलाल होली में!!≠
सुलेखा चटर्जी भोपाल