
माँ कुदरत का
अनमोल तोहफा,
ममता का अखंड सागर,
महोब्बत का दरिया ,
अपने हर फ़र्ज़ को
अच्छे से निभाते हुए,
चमकता सितारा है माँ।
बच्चों की हर परेशानियों का,
निदान है माँ।
घर -परिवार को एक सूत्र में
बांधने वाली निहायती
कीमती धागा है माँ।
बच्चा कैसा भी हो ,
पर जिसके लब पे,
कभी अपने बच्चे के
लिये बद्दुआ नहीं बल्कि
उस ईश्वर से अपने बच्चे
के लब पे हमेशा हँसी
और आँखों में
खुशी की चमक को,
बरकरार रखने की,
कामना करती है माँ।
बच्चे की हर सिसकी और गिरते
मनोबल को देख सहम जाती है माँ।
अपनी जादुई मुस्कान से ,
हिमालय की तरह हर तूफ़ान से,
लड़ने का जज़्बा रखती है माँ।
इसलिए यूंही नहीं, कहा गया
माँ के पैरों तले जन्नत है।
माँ की महिमा का,
मंडन करने बैठू तो ,
लफ्ज़ भी कम पड़ जायें।
फिर दिल के एक झरोखे से,
आवाज आए आये ! शेख
किस पर लिखने का,
प्रयास कर रहे हो,
माँ इस शब्द में ही
सारा संसार समा जाये।
डॉ. परवीन शेख
तह. देगलूर जिला. नांदेड़,
महाराष्ट्र












