
धन दौलत खूब कमाने से
अहंकार की बातें बोलने से
मूर्खत्व भाव को प्रदर्शन से
घमंड से जीवन यापन से
जीवन में पतन शुरू होता है।
अति विश्वास बढ़ने से
विलासप्रियता होने से
बड़ों की बात दुत्कार से
कर्तव्य गुण नहीं होने से
जीवन में पतन बढ़ता है।
द्वेष भाव प्रकट करने से
कुंभवनाएं को सीखने से
चरित्र कलुषित होने से
मानवत्व को भूल जाने से
पतन से जीवन असफल होता।
अनुशासन नहीं होने से
देश भक्ति भूल जाने से
हृदय कलुषित होने से
विवेक को समझ न होने से
पतन एकदम बढ़ जाता है।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश













