
सुन कल भी था मेरा देश महान,
आज भी है मेरा प्यारा देश महान,
मुझे जान से प्यारा अपना हिंदुस्तान।
गांधी नेहरू की यह प्यारी धरती,
यहां जनता शान से इस पर मरती,
जाने इस बात को यह सारा जहान।
वीरों ने लुटा दी इस पर अपनी जान,
नहीं झूकने दी अपने तिरंगे की शान,
ख़ून से लथपथ फिर भी दे गए सम्मान।
पुर्तगाली,तुर्की,फारसी,यूनानी आए,
यहां मुगल,डच,फ्रांसीसी,अंग्रेज छाए,
जाति बंधन तोड़ थामी इसकी कमान।
धन्य हूं मैं इस पर मैंने जन्म लिया,
मां बाप ने देश भक्ति संस्कार दिया,
विनय ने बनाया मुझको श्रेष्ठ संतान।
यहां जाति धर्म के रहते लोग अनेक,
बात होती जब देश की हो जाते एक,
सपना मेरा कल भी होगा देश महान।
सुनील कुमार खुराना
नकुड़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश













