
गोवर्धनधारी,मुरलीधारी, नटवरनागर श्याम।
माधव गिरधारी,हरि बनवारी, दामोदर सुखराम।।
हे कृष्ण मुरारी, कुंजबिहारी, गोविंदा घनश्याम।
हे नंद दुलारे, यशुमति प्यारे, काम जनक सुखधाम।।
सुन्दर छवि प्यारी,लीला न्यारी, श्यामल सुघड़ शरीर।
अति मीठी बानी,लगे सुहानी, जैसे सुन्दर कीर।।
यमुना का पानी,कहे कहानी,सुबह शाम अविराम।
वृंदावन न्यारा,लगता प्यारा,पावन गोकुल धाम।।
हम साँझ सकारे,नदी किनारे,रोज देखते राह।
मिलने प्रभु आओ,दरश दिखाओ,कर दो पूरी चाह।।
हे मुरलीधारी,रास बिहारी, कृपासिन्धु रणधीर।
चरणों में लेके, दर्शन देके,हरो सकल मम पीर।।
फिर धेनु चराने,रास रचाने,आओ भू करतार।
फिर लाज बचाने,पाप मिटाने,आओ तारणहार।।
फिर वस्त्र चुराने, घड़ा गिराने,आओ लीलाधार।
फिर खेल खिलाने,पाठ पढ़ाने,आओ पालनहार।।
राम जी तिवारी"राम"
उन्नाव (उत्तर प्रदेश)











