
रुद्रपुर। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान, देहरादून एवं बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय हिन्दी भाषा महोत्सव में उदयपुर (राजस्थान) की युवा लेखिका एवं ‘नारी स्वरूप’ पुस्तक की लेखिका निशा देवड़ा ने प्रभावशाली काव्यपाठ कर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के लिए विशेष रूप से आमंत्रित निशा देवड़ा ने अपने उद्बोधन की शुरुआत देवभूमि उत्तराखण्ड को नमन करते हुए की तथा आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति, वीरता और बलिदान की परंपरा का उल्लेख करते हुए महाराणा प्रताप, पन्नाधाय, भामाशाह और मीरा का स्मरण किया। उनके उद्बोधन एवं काव्यपाठ को उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने खूब सराहा।
गौरतलब है कि निशा देवड़ा उदयपुर जिले के देबारी निवासी लक्ष्मण सिंह देवड़ा की पुत्री हैं तथा साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए अपनी पुस्तक ‘नारी स्वरूप’ के माध्यम से भी पहचान बना चुकी हैं।











