
एक सपना मैंने डिलीट कर दिया,,,
और
एक सपना आपने डिलीट कर दिया,,
दौनो सफल हो गए,,,
कविता से सपनों को फ़ुर्र कर दिया,
मोहब्बत वाले बसतें है सपनों में,,,
और तुमने इतने हंसीन सपनों को चकनाचूर कर दिया,,,
निंद में आते हैं तुम्हारे ही सपने,,,
सपनों में आते हो तुम,,,
और तुमने ही मुझे दिल से दूर कर दिया,,,
मेने तेरी मांग सितारों से भरी ,,
मोहब्बत के
सिंदूर से भरी,,
और तुमने सिंदूर का रंग हि बदल दिया,,,
तुम मुझे अपने दिल से दूर नहीं कर सकते,,,
तुम्हारे दिल को तो मैंने चुपके से चुरा लिया था,,,
उस दिल को मैंने महसूस किया है,,,
कि तुम मेरी हो,,,
वो यहां धड़कता है इधर मेरे सिने में,,,
प्यार भरपूर दिया है,,,
मैंने तुम्हारे को कविताओं में मशहूर कर दिया,,
अशोक सुमन
भवानी मंडी
राज












