
ना हीं किसी पर दोषारोपण करो
ना ही किसी का शोषण करो
ना ही अनर्गल उद्घोषण करो
सिर्फ अपना और अपनों का भरण पोषण करो
विजयी वही है जिसने स्वयं को जीता
यहीं कहती है भगवत्गीता
स्वयं का उत्थान करो
न किसी का अपमान करो
आज कलयुग है
कालान्तर में सतयुग आयेगा
यह हमारा भ्रम है
हर युग को लाने वाले हम हैं
हम सभी स्वयं को बदलें
दुनिया धीरे-धीरे बदल जाएगी
अहम और स्वयं की अहमियत को कम करें
प्रभु भक्ति में मन को शामिल करें
आध्यात्म की राह सही मार्ग दिखायेगी
हर घुंध स्वयं ही छट जायेगी
सतयुगी सभ्यता सब तरफ नजर आयेगीं
शीलू जौहरी भरूच













