
आज रामलला के प्रांगण से,
भरोसे संग विश्वासघात हुआ।
भक्तों के द्वारा चंदा,चढ़ावा में,
मन्नू बहुत बड़ा उलटफेर हुआ।।
ट्रस्ट के सब सदस्यों ने मिलकर,
इस महाघोटाले को अंजाम दिया।
सोना, चांदी और हिरे जवाहरात,
सबने लुटकर अपना घर किया।।
ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने,
मिलझुलकर बेडा़ गर्क किया।
टिन्नू,अनुकल्प,अनिलमिश्रा सबने,
अपना अपना हिस्सा बांट लिया।।
योगीराज में यह फाईल बनी,
इसे मौन स्वीकृति उनकी मिली।
भ्रष्टाचार का खेल चलता रहा,
योगीराज गहरी नींद में सोता रहा।।
कानून का ना कोई भी भय रहा,
बहुत उपर तक यह धन गया।
आरएसएस का भी नाम आया,
मौन रहकर संघ ने साथ निभाया।।
एसआईटी का अब गठन हुआ,
ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम आया।
अभी 80 लाख ₹ बरामद हुआ,
मन्नू करोडो़ का यहाँ गबन हुआ।।
ना ही FIR में उसका नाम आया,
फिर भी चंपतराय ने इस्तीफा दिया।
फाइल का नाम यूं सुर्खियों में आया,
इसने सनातनः को कलंक लगाया।।
मुन्ना राम मेघवाल ‘भाटी’।
कोलिया,डीडवाना, राजस्थान।













